भारतीय छात्रों को ऑस्ट्रेलिया से मिला प्रस्ताव 

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ऑस्ट्रेलिया पढ़ने जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में पिछले साल भारी बढ़ोतरी हुई है। साल 2018 के दौरान ऑस्ट्रेलिया के शैक्षिक संस्थानों में एक लाख से ज्यादा भारतीय छात्रों ने दाखिला लिया है। भारतीय छात्रों के कुल अंतरराष्ट्रीय दाखिले का यह 12.4 फीसदी है। पिछले साल के मुकाबले इस साल दाखिलों में 25 फीसदी इजाफा हुआ है। इसका कारण यह है कि ऑस्ट्रेलिया के क्षेत्रीय संस्थानों में पढ़ने वाले को वहां की सरकार जबर्दस्त सुविधा दे रही है। पढ़ाई के बाद एक साल ज्यादा काम के मौके के साथ-साथ उनको हर साल करीब 7 लाख रुपये की स्कॉलरशिप भी मिलेगी।
इसलिए बढ़ रहे छात्र 
ऑस्ट्रेलिया ने 'अडिशनल टेंपररी ग्रैजुएट' वीजा की घोषणा की थी। इसमें किसी रजिस्टर्ड यूनिवर्सिटी के क्षेत्रीय कैंपस से ग्रैजुएशन करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों को पढ़ाई के बाद ऑस्ट्रेलिया में एक साल अतिरिक्त काम का अधिकार मिलता है। मौजूदा समय में जो नियम है उसके मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया में बैचलर या मास्टर डिग्री तक की पढ़ाई करने वाले छात्रों को पढ़ाई के बाद 2 सालों तक काम के लिए वीजा मिलता है लेकिन नए नियम में अब उनको तीन साल मिलेंगे।'
20 मार्च को जारी एक अलग रिलीज में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने एक नई स्कॉलरशिप स्कीम की घोषणा थी। यह स्कीम ऑस्ट्रेलिया के अन्य क्षेत्रों में पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलियाई और अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करने के लिए थी। हर साल स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय छात्रों को करीब 15,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 7 लाख रुपये) मिलेंगे।

कनाडा में पढ़ाई के लिए एसडीएस स्कीम लागू   
भारत से विदेश पढ़ने जाने वाले छात्रों के लिए कनाडा फेवरिट पसंदीदा स्थलों में से एक है। हर साल लाखों स्टूडेंट्स कनाडा की यूनिवर्सिटीज में पढ़ने के लिए अप्लाई करते हैं। कनाडा की सरकार ने आवेदन प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए हैं। सरकार ने स्टूडेंट डायरेक्ट स्ट्रीम (एसडीएस) लागू किया है।
एसडीएस कनाडा में स्टडी परमिट के लिए आवेदन करने वालों के लिए एक नई ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया है। एसडीएस दस्तावेजों की चेकलिस्ट मेनटेन रखेगा और वेबसाइट के जरिए आवेदक और यूनिवर्सिटी के संवाद कराएगा। एसडीएस से रजिस्ट्रेशन करने के लिए पहले स्टूडेंट का किसी कनाडाई यूनिवर्सिटी से मंजूरी लेनी होगी।
जरूरी दस्तावेज
आवेदक को कनाडा के किसी शिक्षण संस्थान में पहले साल की फीस की रसीद जमा करनी होगी। इसके साथ ही उन्हें मेडिकल सर्टिफिकेट भी जमा करना होगा। एसडीएस की प्रक्रिया के जरिए आवेदन करने के लिए स्टूडेंट को आईईएलटीएस में कम से कम 6 और टीईएफ में 7 स्कोर होना चाहिए।