निदेशक मंडल के कामकाज के मूल्यांकन के लिए परामर्श कंपनी की सेवा लेगा बैंक आफ बड़ौदा

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नई दिल्ली । बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने निदेशक मंडल के काम के मूल्यांकन के लिए परामर्श कंपनी की सेवाएं लेने के लिए निविदा आमंत्रित की है। सार्वजनिक क्षेत्र का यह दूसरे सबसे बड़े बैंक और दो अन्य सरकारी बैंकों देना और विजया बैंक का आपस में विलय हो रहा है। बीओबी की ओर से परामर्श फर्मों के लिए जारी प्रस्ताव के अनुरोध (आरएफपी) में कहा है कि वह बोर्ड के मूल्यांकन की समीक्षा के लिए परामर्श देने वाली एक कंपनी की सेवाएं चाहता है। आरएफपी ने कहा बैंक ऑफ बड़ौदा ने बैंक के निदेशक मंडल के संपूर्ण मूल्यांकन और उसके कार्यों की स्वतंत्र समीक्षा के लिए एक सलाहकार समिति के साथ काम करने का निर्णय किया है। इस समीक्षा से महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोर्ड की प्राथमिकता तय करने में मदद मिलेगी। इच्छुक कंपनियां आरएफपी पर दो मई तक प्रस्ताव रख सकती हैं। चुनी गई कंपनी को छह-आठ सप्ताह में मूल्यांकन रपट देनी होगी। इस बीच बीओबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विजया बैंक और देना बैंक के साथ इस बैंक पूरे कामकाज के विलय की प्रक्रिया दो साल में पूरी हो जाएगी। 
उल्लेखनीय है कि बैंक ऑफ बड़ौदा में देना बैंक और विजया बैंक का विलय एक अप्रैल से प्रभावी हो गया है। अधिकारी ने बताया कि इन बैंकों के सूचना प्रौद्योगिकी मंचों का आपस में एकीकरण करने में ही 12 महीने लगेंगे। अन्य प्रक्रियाओं एवं व्यवस्थाओं को जोड़ने में एक साल और लग सकता है। उन्होंने कहा प्रक्रिया की रुपरेखा इस तरह तय की गई है कि ग्राहकों को विलय की प्रक्रिया पूरी होने तक कम-से-कम दिक्कतों का सामना करना पड़े। बीओबी की कुल 9500 से अधिक शाखाएं, 13,400 एटीएम, 85,000 कर्मचारी और 12 करोड़ ग्राहक हैं।

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