कांग्रेस सचिव को जगदलपुर में न रहने दें : सुप्रीम कोर्ट

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रायपुर। जगदलपुर केखूंटपदर गोलीकांड के आरोपित मल्कीत सिंह गैंदू को जगदलपुर में न रहने दिया जाए। यह आदेश शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिया है। शीर्ष कोर्ट ने गैंदू की जमानत के खिलाफ लगी याचिका को तो खारिज कर दिया, लेकिन उसने कहा कि गैंदू जगदलपुर में रहा, तो वह खूंटपदर गोलीकांड के गवाहों को प्रभावित कर सकता है। गैंदू वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी में सचिव है। नगरनार स्टील प्लांट में ठेकेदारी को लेकर 11 मई 2017 को दो गुटों में गोलीबारी हुई थी। इसमें बसंत सिंह नामक व्यक्ति घायल हो गया था।

इस मामले में एफआईआर दर्ज होने पर गैंदू समेत दर्जनभर आरोपित फरार हो गए थे, तब पुलिस ने पांच-पांच हजार इनाम की घोषणा की थी। कुछ दिन बाद पुलिस ने गैंदू और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। एक साल पहले गैंदू को कोर्ट से जमानत मिली है। गैंदू की जमानत के खिलाफ दूसरे गुट के शैलेंद्र भदौरिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गैंदू का कहना है कि उन्हें जानकारी नहीं है।
कांग्रेस सरकार ने खुलवाया परिवहन संघ का कार्यालय : गोलीकांड की वजह बस्तर परिवहन संघ को मानते हुए जिला प्रशासन ने संघ के कार्यालय को ताला लगा दिया था और संघ को भंग करने की घोषणा कर दी थी। कांग्रेस की सरकार बनी तो संघ के कार्यालय को फिर से खुलवाया गया। जब गोलीकांड हुआ था, उस वक्त भूपेश बघेल विपक्ष के नेता थे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने गैंदू और कांग्रेस के एक और नेता का बचाव किया था। उनका कहना था कि इन दोनों को झूठा फंसाया जा रहा है।

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