मायावती के चुनाव लड़ने की संभावना कम, अखिलेश संग करेंगी 12 रैलियां

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बसपा सुप्रीमो मायावती ने लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राज्य स्तर पर बनाए गए संगठन के दो सेक्टरों को तत्काल प्रभाव से भंग करते हुए इसका नए सिरे से गठन किया है। संगठन का पुनर्गठन 12 दिनों के अंदर दूसरी बार किया गया है। अब प्रत्येक तीन मंडल में एक सेक्टर होगा और इसमें दो-दो टीमें काम करेंगी।

लोकसभा चुनाव के दौरान यही टीम बसपा सुप्रीमो की आंख-कान होगी। यही टीम जमीनी स्तर पर प्रचार का कमान संभालने के साथ मायावती को पूरी रिपोर्ट करेगी। इस टीम में कुल 25 लोगों को शामिल किया गया है। टीम में उन्हें ही स्थान दिया गया है, जो बसपा कोर कमेटी से किसी न किसी रूप में जुड़े हुए हैं। मायावती ने संगठन में फेरबदल का ऐलान गुरुवार को प्रदेश मुख्यालय पर उत्तर प्रदेश में स्टेट और मंडल के वरिष्ठ पदाधिकारियों व पार्टी के जिम्मेदार लोगों की बैठक में किया।

मायावती के चुनाव लड़ने की संभावना कम
बसपा सुप्रीमो मायावती के लोकसभा चुनाव लड़ने की संभावना कम जताई जा रही है। इसकी मुख्य वजह उनकी व्यस्तता बताई जा रही है। इसके चलते ही उनके चुनाव लड़ने वाली संभावित सीटों नगीना, अंबेडकरनगर और बुलंदशहर के लिए लोकसभा प्रभारियों के नाम लगभग तय कर लिए गए हैं।

मायावती व अखिलेश 12 साझा रैलियां करेंगे
मायावती व अखिलेश दोनों यूपी में करीब 12 साझा रैलियां करेंगे। बताया जा रहा है कि साझा रैलियों का कार्यक्रम मायावती की ओर से तैयार किया गया है। इसकी विस्तृत जानकारी जल्द जारी करने की तैयारी है। बसपा सुप्रीमो लोकसभा चुनाव की रैली 2 अप्रैल को भुवनेश्वर में करने की संभावना जताई जा रही है। लोकसभा में प्रचार के लिए यह उनका चुनावी शंखनाद बताया जा रहा है।