स्टार्टअप नौकरियों में बेंगलुरु के बाद सबसे ज्यादा 2.3 लाख ब्लू-कॉलर कर्मचारी दिल्ली में 

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नई दिल्ली । देश में युवा वर्ग में रोजगार की अच्छी संभावनाओं में नए स्टार्टअप का बड़ा योगदान है। देश में बेंगलुरु के बाद राजधानी दिल्ली में सबसे ज्यादा ब्लू कॉलर मजदूर काम करते हैं। दिल्ली में 2.3 लाख ब्लू कॉलर कामगार है जो स्टार्टअप/अर्बन-सेंट्रिक नौकरियां कर रहे हैं। इन नौकरियों को नए आर्थिक मॉडल के चलते क्रिएट किया गया है। यह जानकारी ब्लू-कॉलर जॉब अग्रीगेटर बेटरप्लेस द्वारा किए गए एक सर्वे में सामने आई है। इस सर्वे में 11 लाख लोगों से आंकड़े इकट्ठे किए गए। इस सर्वे में कंस्ट्रक्शन, मैन्युफैक्चरिंग, एग्रीकल्चर, हेल्थकेयर और दूसरे ट्रडिशनल सेक्टर के कामगारों को शामिल नहीं किया गया है। इंडिपेंडेंट बिजनेस, एसएमई और एमएसएमई भी इस सर्वे का हिस्सा नहीं थे और यह सर्वे बड़ी टेक-अग्रीगेटर/स्टार्टअप कंपनियों की नौकरियों तक ही सीमित था।
बात करें तो दिल्ली की तो ऐमजॉन, फ्लिपकार्ट, जोमैटो, स्विगी, फूड पांडा और दूसरी कंपनियों में 86,019 डिलीवरी बॉयज हैं जबकि ओला, उबर और दूसरे टैक्सी अग्रीगेटर के पास 64,514 ड्राइवर्स काम कर रहे हैं। राजधानी में 37,633 लोग सिक्यॉरिटी गार्ड, 26,881 लोग प्रबंधनकर्मी, वहीं 2,688 लोग ब्यूटिशियन, 2,707 मेंटनेंस वर्कर और 5,376 प्री-स्कूल वर्कर के तौर पर काम कर रहे हैं। दिल्ली की तुलना में नोएडा व गुरुग्राम में इस तरह के कर्मचारियों की संख्या कम है। नोएडा में 85,460 ब्लू-कॉलर वर्कर हैं जबकि गुरुग्राम में 50,690 मजदूर हैं। 35 प्रतिशत ब्लू-कॉलर वर्कर 15,000 से 25,000 रुपये के बीच कमाते हैं। लेकिन स्टार्टअप में 30 हजार से ज्यादा कमाई करने वाले ब्लू-कॉलर वर्कर्स की संख्या 14 प्रतिशत, 25 से 30 हजार कमाने वाले मजदूर 16 प्रतिशत, 20 प्रतिशत मजदूर 20 से 25 हजार और 10 से 15 हजार रुपये कमाने वाले 15 प्रतिशत कर्मचारी हैं।
बात जब उम्र वर्ग की हो तो युवाओं की संख्या ज्यादा है। देशभर में करीब 64 प्रतिशत ब्लू-कॉलर कर्मचारियों की उम्र 24 से 38 वर्ष, 18 से 23 वर्ष के 16 प्रतिशत, 39 से 43 वर्ष के उम्र के 10 प्रतिशत, 44 से 54 वर्ष के 8 प्रतिशत व 52 वर्ष से ज्यादा के कामगारों की संख्या 2 प्रतिशत से ज्यादा है। देशभर में 96 प्रतिशत ब्लू-कॉलर कर्मचारी पुरुष हैं। कुछ सेक्टर जैसे ब्यूटी और सर्विसेज सेक्टर में महिलाओं का प्रतिशत ज्यादा है। अब बात दिल्ली में बाहर से आने वाले कामगारों की, तो दिल्ली में सबसे ज्यादा 55 फीसदी कामगार उत्तर प्रदेश से, 17 प्रतिशत बिहार, 6 प्रतिशत हरियाणा, 5 प्रतिशत राजस्थान, 3 प्रतिशत केरल, 3 प्रतिशत मध्य प्रदेश, 2 प्रतिशत उत्तराखंड, 2 प्रतिशत झारखंड, 1 प्रतिशत पश्चिम बंगाल, 1 प्रतिशत पंजाब से हैं। अगर शहर के लिहाज से देखें तो दिल्ली में सबसे ज्यादा कामगार लोनी से, 1.5 प्रतिशत अलीगढ़, 0.9 प्रतिशत मैनपुरी और 0.75 प्रतिशत छपरा से हैं। 

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