परिवारवाद के आरोप पर फूट-फूट कर रोए पूर्व पीएम देवगौड़ा

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नई दिल्ली । परिवारवाद का आरोप लगते ही पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा रो पड़े। उनके साथ ही बड़े बेटे एच डी रेवन्ना और पोते प्रज्वल रेवन्ना भी रो पड़े। बता दें, देवगौड़ा के दोनों पोतों निखिल कुमारस्वामी को मांड्या और प्रज्वल रेवन्ना को हासन सीट से लोकसभा का टिकट दिया गया है। इसके बाद से देवगौड़ा पर परिवारवाद का आरोप लगा रहा है। 
हासन में एक रैली को संबोधित करते हुए देवगौड़ा ने कहा कि चन्नकेशव भगवान और आपके आशीर्वाद से मैंने हासन से प्रज्वल रेवन्ना को मैदान में उतारा है। भावुक होकर देवगौड़ा ने कहा कि मैंने सभी को प्राथमिकता दी है। हमने साकलेशपुर में लिंगायत नेता एमएलसी बनाया। लेकिन आरोप है कि मैं केवल अपने बेटों और पोतों को ही सीटें देता हूं। मैं तब तक काम करूंगा जब तक मेरे शरीर में ताकत है। मैं अपना समय बर्बाद नहीं करता। 
बता दें, प्रज्वल, देवगौड़ा के बड़े बेटे और कर्नाटक सरकार में लोक निर्माण मंत्री एचडी रेवन्ना के बेटे हैं। वह हासन सीट से कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के उम्मीदवार हैं। देवेगौड़ा की आंखों से आंसू निकलते वहां मौजूद जेडीएस समर्थकों ने उनसे शांत हो जाने का अनुरोध किया। इस कार्यक्रम में प्रज्वल और उनके पिता रेवन्ना भी भावुक हो गए। प्रज्वल उस वक्त रो पड़े, जब देवगौड़ा ने उन्हें उम्मीदवार घोषित किया और रेवन्ना तब रोए जब विधायक बालकृष्ण इस बार हासन सीट से देवगौड़ा के चुनाव नहीं लड़ने का जिक्र कर रहे थे।
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि मांड्या में उनके पोते निखिल की उम्मीदवारी को लेकर पैदा किए गए विवाद से वह दुखी हैं। उन्होंने कहा मांड्या से निखिल को उम्मीदवार बनाने का फैसला जेडीएस नेताओं का था। मैंने घोषणा नहीं की थी। मुझे बहुत दुख हुआ है, वे कह रहे हैं कि निखिल वापस जाओ। उन्होंने कहा कि मैं मांड्या जाऊंगा। उन्हें ‘वापस जाओ’ के नारे लगाने दें। मैंने पिछले 60 बरसों में किसके लिए लड़ाई लड़ी है। मैं मांडया के लोगों के सामने सारी बातें रखूंगा।
देवगौड़ा परिवार के इस भावुक लम्हें को लेकर भाजपा ने निशाना साधा है। भाजपा ने कहा सन 2019 के चुनाव के लिए पहला ड्रामा शुरू। यदि ‘रोना’ एक कला है तो एचडी देवगौड़ा और उनका परिवार दशकों से लगातार लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए ‘रोने की कला’ का इस्तेमाल करने में माहिर है। चुनाव से पहले देवगौड़ा और उनका परिवार रोता है और चुनाव के बाद उनके परिवार को वोट देने वाले रोते हैं।