कंगारुओं का बड़ा कारनामा, 10 साल बाद भारत में जीती वनडे सीरीज

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दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर खेले गए पांचवें और निर्णायक वनडे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया को 35 रनों से मात देकर पांच मैचों की वनडे सीरीज 3-2 से अपने नाम कर ली है. कंगारू टीम ने भारत को रांची में खेले गए तीसरे वनडे मैच में 32 रनों से शिकस्त दी थी. उसके बाद मेहमान टीम ने मोहाली में खेले गए चौथे वनडे मैच में भारत को 4 विकेट से हराया और अब दिल्ली में हुए सीरीज के निर्णायक वनडे मैच में भारत को 35 रनों से मात देकर वनडे सीरीज 3-2 से अपने नाम कर ली. 

बता दें कि ऑस्ट्रेलिया ने 10 साल बाद भारत को उसी की धरती पर किसी बाइलैटरल (द्विपक्षीय) वनडे इंटरनेशनल सीरीज में शिकस्त दी है. कंगारू टीम ने आखिरी बार भारत को उसकी धरती पर 2009 में 7 मैचों की वनडे सीरीज में 4-2 से मात दी थी. उस सीरीज में शेन वॉटसन 'मैन ऑफ द सीरीज' रहे थे. 

ओवरऑल बाइलैटरल वनडे इंटरनेशनल सीरीज की बात करें, तो टीम इंडिया आखिरी बार अपनी धरती पर 4 साल पहले हारी थी. 2015 में साउथ अफ्रीका ने भारत को 5 मैचों की वनडे सीरीज में 3-2 से शिकस्त दी थी.
भारत की धरती पर 2009 से अब तक दोनों देशों के बीच खेली गई 5 बाइलैटरल वनडे सीरीज में ऑस्ट्रेलिया की यह दूसरी सीरीज जीत है. 5 बाइलैटरल वनडे सीरीज में भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 सीरीज में जीत मिली है.
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई वनडे सीरीज के नतीजे (भारत की धरती पर 2009 से अब तक) 

1. ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा- 7 मैच की वनडे सीरीज 2009 – ऑस्ट्रेलिया 4-2 से जीता

2. ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा – 3 मैच की वनडे सीरीज 2010 – भारत 1-0 से जीता

3. ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा – 7 मैच की वनडे सीरीज 2013 – भारत 3-2 से जीता

4. ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा – 5 मैच की वनडे सीरीज 2017 – भारत 4-1 से जीता

5. ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा – 5 मैचों की वनडे सीरीज 2019 – ऑस्ट्रेलिया 3-2 से जीता
इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवर में 9 विकेट गंवा कर 272 रन बनाए और टीम इंडिया को जीत के लिए 273 रनों का लक्ष्य दिया. जवाब में टीम इंडिया 50 ओवर में 237 रन पर ऑलआउट हो गई और ऑस्ट्रेलिया ने यह मैच और सीरीज अपने नाम कर ली.
इससे पहले उस्मान ख्वाजा के सीरीज में दूसरे शतक की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ नौ विकेट पर 272 रनों का स्कोर खड़ा किया. ख्वाजा ने 106 गेंदों पर दस चौकों और दो छक्कों की मदद से 102 रन बनाए. उन्होंने कप्तान एरॉन फिंच (43 गेंदों पर 27 रन) के साथ पहले विकेट के लिए 76 और पीटर हैंड्सकॉम्ब (60 गेंदों पर 52 रन) के साथ दूसरे विकेट के लिए 99 रनों की दो उपयोगी साझेदारियां कीं. ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी दस ओवर में 70 रन बनाए. लेकिन, इस बीच पांच विकेट भी गंवाए.
बादल छाए थे, मौसम सुहावना था और पिच सपाट थी. शायद इन परिस्थितियों को देखकर ही भारतीय टीम प्रबंधन ने पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ उतरने का फैसला किया. मोहम्मद शमी की पहली गेंद आउटस्विंगर थी जिसे फिंच नहीं समझ पाए, लेकिन बल्लेबाज जल्द ही सहज होकर खेलने लगे. भारत की तरफ से जसप्रीत बुमराह (दस ओवर में 39 रन, कोई विकेट नहीं) और रवींद्र जडेजा (दस ओवर में 45 रन देकर दो विकेट) ने अधिक प्रभावित किया. भुवनेश्वर कुमार (दस ओवर में 48 रन देकर तीन विकेट) सबसे सफल गेंदबाज रहे, शमी (नौ ओवर में 57 रन देकर दो विकेट) ने टुकड़ों में अच्छी गेंदबाजी की. लेकिन, कुलदीप यादव (दस ओवर में 74 रन एक विकेट) ने निराश किया.
ऑस्ट्रेलिया की रणनीति साफ थी. बुमराह को संभलकर खेलना और बाकी गेंदबाजों को निशाने पर रखना. जब 14 ओवरों के बाद स्कोर बिना किसी नुकसान के 73 रन था तब पांचवें गेंदबाज के रूप में जडेजा ने गेंद संभाली और उनकी तीसरी गेंद ही फिंच के बल्ले को चूमकर विकेटों में समा गई. ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने चारों छक्के कुलदीप पर लगाए. ख्वाजा ने इस चाइनामैन स्पिनर पर लांग ऑन पर दो गगनदायी छक्के जड़े. कुलदीप की एक गुगली ने जरूर हैंड्सकॉम्ब को छका दिया था. लेकिन, तब विकेटकीपर ऋषभ पंत भी गच्चा खा गए और गेंद चार रन के लिए चली गई.
ऑस्ट्रेलिया 28 ओवर के बाद एक विकेट पर 157 रन बनाकर बड़े स्कोर की तरफ बढ़ रहा था. ऐसे में विराट कोहली का बुमराह को गेंद सौंपना महत्वपूर्ण साबित हुआ. अपने पहले चार ओवर में केवल आठ रन देने वाले बुमराह ने कसी हुई गेंदबाजी जारी रखी. बुमराह ने दबाव बनाया तो भुवनेश्वर और जडेजा ने उसे भुनाया. ख्वाजा ने 102 गेंदों पर शतक पूरा किया. लेकिन, इसी स्कोर पर भुवनेश्वर की गेंद पर कवर में कैच दे बैठे. कोहली ने ही अगले ओवर में ग्लेन मैक्सवेल (एक) का एक्स्ट्रा कवर पर कैच लेकर दर्शकों में जोश भरा.
शमी अपना तीसरा स्पैल करने के लिए आए. उनकी तेजी से उठती गेंद को हैंड्सकॉम्ब नहीं समझ पाए जो उनके बल्ले को चूमकर विकेट के पीछे गई और इस बार पंत ने कोई गलती नहीं की. हैंड्सकॉम्ब ने इससे पहले वनडे में अपना चौथा अर्धशतक पूरा किया. मोहाली के नायक एश्टन टर्नर (20) ने चौके से शुरुआत की. उन्होंने कुलदीप पर मिडविकेट पर सीधा छक्का जमाया. लेकिन, गेंदबाज ने जल्द ही बदला चुकता कर दिया. टर्नर ने गुगली को हवा में लहराया जिसे जडेजा ने सीमा रेखा पर कैच कर दिया. इसके बाद भुवनेश्वर ने मार्कस स्टोइनिस (20) और शमी ने एलेक्स कैरी (20) को पवेलियन भेजा. झाए रिचर्डसन (29) और पैट कमिंस (15) ने 48वें ओवर में बुमराह पर 19 रन बटोरकर उनका गेंदबाजी विश्लेषण बिगाड़ा और स्कोर 272 रन तक पहुंचाया.
 

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