पुलिस को बड़ी कामयाबी, 6 साल के अक्षत को अपहरणकर्ता के पास से छुड़ाया  

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इंदौर । इंदौर से अपहृत हुए 6 साल के अक्षत को पुलिस ने सागर से बरामद कर लिया है। इंदौर पुलिस अक्षत को लेकर हीरा नगर थाने पहुंच गई है। बच्चे को सही सलामत पाकर परिजनों में खुशी है। इस पूरे मामले में सीएम कमलनाथ ने तत्परता दिखाने पर पुलिस को बधाई दी है। सीएम ने पुलिस महकमे को मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस के अनुसार 500 से ज्यादा सीसीटीवी, 2 दर्जन कॉल डिटेल और एक दर्जन संदिग्धों से पूछताछ के बाद हीरानगर थाना इलाके से अपह्रत अक्षत को ढूंढ़ने में पुलिस को सफलता मिली। पुलिस के अनुसार अक्षत के अपहरण की वजह आपसी विवाद भी हो सकता है। 
दरअसल इंदौर डीआईजी हरिनारायण चारी मिश्रा ने बताया कि रविवार को बच्चों के साथ बगीचे में खेल रहे 6 साल के बच्चे का दिनदहाड़े अपहरण हो गया था।अपहरणकर्ता ने कुछ देर बाद बच्चे के पिता को फोन कर बच्चे की रिहाई के बदले में 10 लाख की फिरौती मांग की। इस मामले में उधर पुलिस ने भी तत्काल कार्रवाई शुरु कर दी। पुलिस को सीसीटीवी कैमरे से दो बदमाशों के फुटेज मिले थे, जिसके बाद पुलिस ने फोन नंबर और फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की। इस मामले में अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार मामले के तार उत्तरप्रदेश से भी जुड़े हो सकते हैं। 
डीआईजी मिश्रा ने बताया कि मीडिया में लगातार बच्चे के अपहरण की खबरों से आरोपियों पर दबाव बना और वे बच्चे को बड़ोदिया चौकी के पास छोड़कर भाग खड़े हुए। डीआईजी के अनुसार आरोपी बच्चे को ललितपुर ले जाने की योजना में थे। अपहरण में उत्तरप्रदेश के बदमाशों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने रविवार को ही करीब पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, जिसके बाद पुलिस के हाथ कुछ सूत्र लगे और बच्चे का रेस्क्यू किया गया। बच्चे के पिता रोहित ने पुलिस को बताया कि अक्षत रोज की तरह दोपहर करीब दो बजे खेलने गया था। करीब तीन बजे उसके पास एक फोन आया और बच्चे को छोड़ने के बदले में में 10 लाख रुपये की मांग की।इसके बाद उसने पत्नी शिल्पा को अक्षत की तलाश में भेजा। लेकिन अक्षत पार्क में नहीं मिला। इसके बाद बच्चे के अपहरण की सूचना से कॉलोनी में सनसनी फैल गई। 
प्रत्यक्षदर्शी बच्चों ने पुलिस को बताया कि बाइक पर दो लड़के आए थे, जिनमें से एक ने मास्क पहन रखा था। बदमाशों ने बच्चों के अक्षत के बारे में पूछा और कहा कि उस उसकी दादी बुला रही है, जिसके बाद वे अक्षत को उठाकर ले गए। रोहित बदमाशों के फोन के बाद अपने दोस्त के साथ थाने पहुंचा और अपहरण की शिकायत दर्ज करवाया। शिकायत के बाद पुलिस ने पूरे शहर में नाकाबंद कर दी। पुलिस का कहना है आरोपी पुलिस के दबाव के चलते दहशत में आ गए और बच्चे को पुलिस चौकी के पास छोड़कर भाग खड़े हुए, लेकिन पुलिस अब तक यह भी बताने की स्थिति में नहीं है कि आरोपियों की संख्या कितनी थी और इसके पीछे क्या वजह रही थी, लेकिन पुलिस दबी जुबान से आरोपियों में विवाद होने की आशंका जाहिर कर रही है।