विद्याधाम के प्रकाशोत्सव में आज सुबह ‘भगवन’ के विग्रह का प्रकटोत्सव, शाम को मां का नौकाविहार 

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इन्दौर । विमानतल मार्ग स्थित श्रीश्री विद्याधाम पर चल रहे 24वें प्रकाशोत्सव में मंगलवार 12 फरवरी को सुबह 9.30 बजे से आश्रम के संस्थापक ब्रम्हलीन स्वामी गिरिजानंद सरस्वती ‘भगवन’ के दिव्य विग्रह का प्रकटोत्सव पादुका पूजन, षोडशोपचार पूजन, अभिषेक एवं आरती के साथ मनाया जाएगा। मंगलवार को ही शाम को मां पराम्बा का नौकाविहार होगा। इसके लिए आश्रम परिसर में विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। बुधवार 13 फरवरी को मां पराम्बा अपने भक्तों को दर्शन देने निकलेंगी तथा गुरूवार 14 फरवरी को भव्य पुष्पबंगले एवं मां के दिव्य दर्शन सहित विभिन्न आयोजन होंगे। 
आश्रम परिवार के पूनमचंद अग्रवाल, गोपाल मालू एवं डॉ. संजय पंडित ने बताया कि प्रकाशोत्सव की श्रृंखला में चल रहे भागवत ज्ञानयज्ञ का समापन आज सांय सुदामा चरित्र प्रसंग के साथ हुआ। इस अवसर पर हरिद्वार के भागवतभूषण आचार्य पं. हरिकृष्ण शास्त्री का जय अम्बे वरिष्ठजन मित्र मंडल एवं विद्याधाम परिवार की ओर से सम्मान किया गया। मंगलवार को सुबह 9.30 बजे से आश्रम के संस्थापक ब्रम्हलीन स्वामी गिरिजानंद सरस्वती ‘भगवन’ के मंदिर में दिव्य विग्रह का प्रकटोत्सव महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के सान्निध्य में धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर देश-विदेश से भी पूज्य ‘भगवन’ के अनेक भक्त आएंगे और मंदिर का श्रृंगार करेंगे। मंगलवार को ही सांय 6 बजे मां पराम्बा का नौकाविहार होगा। इसके लिए आश्रम परिसर में विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। बुधवार 13 फरवरी को अपरान्ह 4 बजे से मां पराम्बा अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए निकलेंगी। यह शोभायात्रा आश्रम परिसर से प्रारंभ होकर परंपरागत वाद्ययत्रों एवं भजन मंडलियों के साथ कान्यकुब्ज नगर, साठ फीट रोड़, कालानी नगर चैराहा से विमानतल मार्ग होते हुए पुनः आश्रम पहुंचेगी। एक रथ पर पूज्य ‘भगवन’ की प्रतिमा भी सुशोभित रहेगी। आश्रम के वेदपाठी विद्वान मां के रथ को स्वयं हाथों से खींचते हुए चलेंगे। गुरूवार 14 फरवरी को सांय 6 बजे से भक्तों को भव्य पुष्पबंगले में विराजित मां के दिव्य दर्शन होंगे। मां को छप्पन भोग भी समर्पित किए जाएंगे। 
:: पं. शास्त्री को विदाई :: 
गत 5 फरवरी से चल रहे भागवत ज्ञानयज्ञ का समापन आज सांय कृष्ण-सुदामा मिलन प्रसंग के साथ हुआ। इस मौके पर हरिद्वार के भागवत भूषण आचार्य पं. हरिकृष्ण शास्त्री का जय अम्बे वरिष्ठजन मित्र मंडल एवं आश्रम परिवार के राम ऐरन, पं. दिनेश शर्मा, सत्यनारायण शर्मा, राजेंद्र महाजन, राजेंद्र राठौर आदि ने सम्मान किया। प्रकाशोत्सव की श्रृंखला में प्रतिदिन सुबह वैदिक संध्या एवं वेदपाठ, षोडशोपचार पूजन एवं अभिषेक, श्रृंगार आरती, ललिताम्बा महायज्ञ एवं ललिता सहस्त्र नामावली से लक्षार्चन आराधना, दुर्गा सप्तशती पाठ एवं संध्या को महाआरती के नियमित कार्यक्रम जारी हैं। ललिताम्बा महायज्ञ में आचार्य पं. राजेश शर्मा के निर्देशन में अब तक 90 हजार से अधिक आहुतियां समर्पित की जा चुकी हैं। बुधवार को महाअष्टमी एवं गुरूवार को महानवमी के उपलक्ष्य में यज्ञ में विशेष आहुतियां समर्पित की जाएंगी।