अंगदान के लिए मां ने बच्ची को नौ महीने कोख में रखा

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वाशिंगटन। अमेरिका की क्रिस्टा डेविस को 18 हफ्तों ‎के गर्भ के समय ही पता चल गया ‎कि उनकी बच्ची सामान्य नहीं है। इसके बाद भी उन्होंने अंगदान करने के लिए बच्ची को नौ माह तक कोख में पालने का फैसला लिया। 23 साल की क्रिस्टा ने एक इंटरव्यू में बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें और उनके ब्वॉयफ्रेंड डेरेक लोवेट को बताया था कि बच्ची को दुर्लभ बीमारी अनेनसेफली है। इस बीमारी के कारण बच्चे का दिमाग या खोपड़ी पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाती। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने उनके सामने दो विकल्प दिए। पहला यह था कि हम तुरंत गर्भपात करा लें जबकि दूसरा विकल्प यह था कि हम बच्चे को जन्म दें और बाद में उसका अंग दान कर दें। क्रिस्टा ने बताया कि हमने दूसरा विकल्प चुना। क्रिस्टा ने बताया कि डॉक्टर्स ने उसे बताया कि जन्म लेने के बाद जैसे ही बच्चे को गर्भनाल से अलग किया जाएगा। उसके जीने की संभावना कम हो जाएगी। इसके साथ ही उसके सिर्फ 30 मिनट तक जीवित रहने की संभावना है। क्रिस्टा ने बताया कि हमारे लिए यह जानकारी पूरी तरह से तोड़ देने वाली थी। इससे पहले भी मेरा एक बार गर्भपात हो चुका था। उस दौरान बहुत सारी दिक्कतें भी आई थीं। ऐसा लगा जैसे सबकुछ छिन गया। क्रिस्टा ने बताया कि दूसरा विकल्प चुनने का फैसला करना हमारे लिए बहुत ही मुश्किल था। लेकिन मैंने 40 हफ्ते और दो दिन बाद बच्ची को जन्म दिया। क्रिस्टा और उसका ब्वॉयफ्रेंड यह मानकर चल रहे थे कि उनकी बच्ची रायली ज्यादा देर तक जीवित नहीं रह पाएगी। लेकिन अप्रत्याशित रूप से उनकी बेटी रायली एक हफ्ते तक उनके साथ रही। इस दौरान दोनों ने अपना पूरा वक्त बेटी के साथ बिताया। क्रिस्टा और डेरेक ने भावुक होते हुए बताया कि हम दोनों के लिए रायली का एक हफ्ते जीना बहुत ही खास र्ण था। हमने हफ्ते भर की उम्र में कभी भी रायली के रोने की आवाज नहीं सुनी। हालांकि आखिरी दिन वह थोड़ा रोई, जब उसके शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बहुत कम हो गया था। क्रिस्टा ने बताया कि उसके हार्ट वॉल्व दो बच्चों को दिए गए और फेफड़े रिसर्च हॉस्पिटल को दिए गए।