विद्यार्थी जीवन में जिज्ञासा वृत्ति का तीव्र होना जरूरीः मुख्यमंत्री

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राजकोट | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में जिज्ञासा वृत्ति का तीव्र होना जरूरी है। बचपन से ही बच्चों में विज्ञान और गणित जैसे विषयों के प्रति रुचि बढ़े, ऐसे विषयों को सरलता से समझ सकें और उनके प्रति लगाव बढ़े इसके लिए राज्य सरकार द्वारा विज्ञान मेलों तथा विज्ञान गोष्ठी जैसे स्कूली कार्यक्रम खास तौर पर आयोजित किए जाते हैं। 
मुख्यमंत्री रविवार को राजकोट के समीप हडाळा में अर्पित इंटरनेशनल स्कूल (सीबीएससी), राष्ट्रीय गणित सम्मेलन और युवा वैज्ञानिक पुरस्कार समारोह के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। विशाल संख्या में उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे युवा दुनिया से प्रतिस्पर्धा करने को सक्षम और प्रगतिशील हैं। उन्हें जरूरत है एक विकास उन्मुख वातावरण की जिसमें वे सफलता की ऊंची उड़ान भर सकें। उनकी आशा और अपेक्षाओं को पूर्ण करने को केंद्र और राज्य सरकार कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि युवा अपनी ताकत और कौशल का दुनिया के समक्ष प्रदर्शन कर सकें इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएं क्रियान्वित की हैं। 
विजय रूपाणी ने कहा कि वसंत पंचमी ज्ञान की पंचमी है ऐसे में इस दिन ज्ञान के इस महा उत्सव के आयोजन के लिए संस्था बधाई की पात्र है। नया भारत के निर्माण के लिए ऐसे कार्यक्रम बहुत फलदायी साबित होते हैं। मुख्यमंत्री ने रिसर्च आधारित शिक्षा पर जोर देते हुए उम्मीद जताई कि हमारे पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा दिया गया 'जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान' का सूत्र ऐसे उम्दा संशोधनपूर्ण कार्यक्रमों से साकार होगा। उन्होंने गौरव के साथ कहा कि खगोल विज्ञान विश्व को भारत की देन है। विज्ञान और गणित विश्व को सत्य की तरफ ले जाने वाले माध्यम हैं, तब सभी को विज्ञान और तकनीक का इस्तेमाल विश्व कल्याण के लिए करना चाहिए। 

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