स्मार्ट सिटी की रेस में पिछड़ा जबलपुर, टॉप 40 से बाहर 

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जबलपुर। स्मार्ट सिटी से जुड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर जारी रैंकिंग में जबलपुर को बड़ा झटका लगा है। केन्द्रीय आवास व शहरी विकास मंत्रालय द्वारा जारी रैंकिंग में शहर पिछड़ गया। जबलपुर को ४७ वां स्थान मिला है। १०० स्मार्ट शहरों के लिए जारी की गई रैंकिंग में नागपुर को पहला रैंक दिया गया है। इसके बाद भोपाल दूसरे स्थान पर है।
    गौरतबल है कि पिछली रैंकिंग में जबलपुर २१ वें पायदान पर था। अब सीधे ४७ वें स्थान पर पहुंच गया है। २६ पायदान की गिरावट के साथ जबलपुर में चल रही स्मार्ट सिटी की गतिविधियों पर भी सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। विपक्षी नेताओं के निशाने पर अब नगर सत्ता आ गई है। कहा रहा है कि स्मार्ट सिटी के लिए चल रही गतिविधियों में हीलाहवाली का खामियाजा रैंकिंग में सामने आया है।
ऐसे होती है रैंकिंग तय …..
    देश के १०० शहरों में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन के आधार पर रैंकिंग की जाती है। इसमें जारी किए टेंडर, वर्क ऑर्डर और पूरे हुए विकास कार्यों के लिए अलग-अलग अंक दिए जाते हैं। जारी किए फंड के उपयोग के लिए भी अंक दिया जाता है। इन सारे अंकों को मिलाकर जिस शहर को जितने अंक मिलते हैं उसके आधार पर रैंकिंग निकाली जाती है।
ेये है रैंकिंग का उद्देश्य …..
    रैकिंग का उद्देश्य शहरों में सामाजिक, आर्थिक, संस्थागत और फिजिकल पैरामीटर को ध्यान में रखते हुए इनमें एक प्रतिस्पर्धा खड़ी करना है ताकि शहर अपने-अपने इन्प्रâास्ट्रक्चर में सुधार ला सकें और लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान कर सकें। रैंकिंग करते समय इन शहरों में सेहत सुविधाएं, शिक्षण संस्थान, वेस्ट मैनेजमेंट, प्रदूषण, ट्रांसपोर्ट सिस्टम और कानून और व्यवस्था को ध्यान में रखा जाता है।
टॉप फाइव स्मार्ट सिटी …………
    मध्य प्रदेश का भोपाल दूसरे स्थान पर है, जबकि झारखंड की राजधानी रांची तीसरे स्थान पर विराजमान है। गुजरात के तीन शहरों ने चौथे, पांचवें और छठे स्थान पर जगह बनाई है। अहमदाबाद चौथे, सूरत पांचवें और वडोदरा छठे स्थान पर है। विशाखापट्टनम सातवें, पुणे आठवें, झांसी नौवें और दावणगेरे १०वें स्थान पर है।
पीएम मोदी ने की थी तारीफ …………    
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के दौरान जबलपुर में चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान की तारीफ की थी। दरसल २० दिसंबर को नगर निगम ने स्वच्छता अभियान चलाया था। जिसमें ७५० संगठनों ने भाग लिया। दो घंटे के अंदर जबलपुर के १०० क्षेत्रों से करीब ७५० टन कचरा एकत्रित किया गया था। पीएम की तारीफ के बाद भी शहर की रैंकिंग में गिरावट स्मार्ट सिटी के नाम पर चलाए जा रहे कार्यक्रमों पर सवालिया निशान खड़ा कर रहे हैं।

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