पिछले 150 वर्षों के मुकाबले सर्वाधिक गर्म रहने वाले हैं अगले पांच साल 

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सिडनी । नासा के अध्‍ययन में 2018 को 1880 के बाद से अब तक का चौथा सर्वाधिक गर्म साल बताया गया है दूसरी ओर, ब्रिटिश व आस्ट्रेलियाई मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले पांच साल पिछले 150 वर्षों के मुकाबले सर्वाधिक गर्म रहने वाले हैं। इस दौरान तापमान पूर्व औद्योगिक काल के स्‍तर से 1सेंटीग्रेड या इससे ज्‍यादा अधिक हो सकता है। ब्रिटेन मौसम विभाग के अनुसार 2014 से 2023 के दशक में अगले पांच साल सर्वाधिक गर्म रहने के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना है कि पृथ्‍वी के सतह का वैश्विक वार्षिक औसत तापमान सबसे पहले 2015 में पूर्व औद्योगिक काल के स्‍तर से 1सेंटीग्रेड अधिक पहुंच गया और इसके बाद से यह इसके आसपास या अधिक ही बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच साल में भी तापमान में वृद्धि जारी रहने या इसमें और बढ़ोतरी होने के आसार हैं। इस साल के पूर्वानुमानों से जाहिर है कि दुनिया में तापमान में तेजी से वृद्धि होगी। औसत वैश्विक तापमान में 1.5सी से अधिक वृद्धि का भी अनुमान है। वहीं, नासा के एक अध्‍ययन में कहा गया कि साल 2018 में धरती की सतह का वैश्विक तापमान 1880 के बाद से अब तक का सर्वाधिक चौथा सबसे गर्म तापमान रहा। नासा के मुताबिक, 2018 में वैश्विक तापमान 1951 से 1980 के औसत तापमान से 0.83 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था। नासा ने एक बयान में बताया कि वैश्विक परिदृश्य में 2018 का तापमान 2016, 2017 और 2015 से कम रहा। पिछले पांच साल, सामूहिक रूप से, आधुनिक रिकॉर्ड के हिसाब से सबसे गर्म साल रहे। नासा के अध्‍ययन के अनुसार, 2018 में धरती का तापमान 20वीं सदी के औसत से 0.79 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था।
नासा के गोडार्ड इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस स्टडीज (सीआईएसएस) के निदेशक गेविन स्किम्ड ने कहा लंबे समय से बढ़ रहे वैश्विक तापमान पर तमाम चिंताओं के बावजूद 2018 एक बार फिर बेहद गर्म साल रहा। स्किम्ड के मुताबिक, 1880 के बाद से धरती की सतह का औसत तापमान करीब एक डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि यह गर्माहट कॉर्बन डाइऑक्साइड के वातावरण में बढ़े हुए उत्सर्जन और मानवीय गतिविधियों के कारण निकलने वाली अन्य ग्रीनहाउस गैसों के चलते हुई है। बढ़ते तापमान के चलते ग्रीनलैंड एवं अंटार्कटिक की बर्फ की विशाल परतें तो पिघल ही रही हैं, साथ ही इससे आग लगने के जोखिम वाले मौसम की अवधि भी खिंच जाती है और कुछ प्रतिकूल मौसमी घटनाएं होती हैं।

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