शीतलहर से  फसलों में पाला गिरने की आशंका 

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भोपाल । प्रदेश में जारी शीतलहर के प्रकोप से फसलों पर पाला गिरने की आशंका जताई जा रही है। दिन के पारे में 3.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा लेकिन यह सामान्य से दो डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान में भी एक डिग्री की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। राजधानी में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य से 6.5 डिग्री कम है। लिहाजा दिनभर कोल्ड-डे रहा। फसलों में पाला गिरने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान में सभी संभागों के जिलों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। चंबल संभाग के जिलों में सामान्य से कम, ग्वालियर संभाग के जिलों में सामान्य से काफी कम तथा शेष संभागों के जिलों में सामान्य से विशेषरूप से कम रहे। प्रदेश का सबसे न्यूनतम तापमान खजुराहो में दो डिग्री सेल्सियस रहा। आगामी 24 घंटे के अंदर पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में और पश्चिमी मध्यप्रदेश के जिलों में शीतलहर चलने की संभावना है। वहीं जबलपुर, इंदार, सागर एवं चंबल संभाग के कुछ जिलों में भी कोल्ड-डे रहने की संभावना है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों सहित होशंगाबाद, इंदौर, उज्जैन, एवं ग्वालियर संभाग में पाला पड़ने की भी संभावना है। आगामी दो फरवरी तक न्यूनतम और अधिकतम तापमान में हल्की वृद्धि होगी मौसम में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा। राजधानी सहित पांच अन्य संभागों में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से कम रहा। वहीं 18 शहरों में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री से कम रहा। इसमें भोपाल 5.0, जबलपुर 4.8, ग्वालियर 3.4, उज्जैन 3.2, रीवा 3.2 न्यूनतम तापमान रिकार्ड किया गया। वहीं बैतूल में 3.0, दतिया 3.1, गुना 5, खंडवा 5.0, खरगौन व पंचमढ़ी 3.0, शाजापुर 4.4, छिंदवाड़ा 4.0, दमोह 3.5, खजुराहो 2.4, मंडला 2.6, नौगांव 2.7 व उमारिया मे 2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। बुधवार को हवाएं उत्तर पूर्वी की जगह दक्षिण पूर्वी हो जाने से मौसम में मामूली से बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। हालांकि जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है। जिसके चलते पंजाब, पूर्वी राजस्थान में चक्रवात बना हुआ है। इसका असर राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में दो फरवरी के बाद देखने को मिलेगा। पश्चिमी मध्यप्रदेश में रात का तापमान में तो इजाफा होगा लेकिन ग्वालियर और चंबल क्षेत्र में बादलों के साथ हल्की बौछारें भी पड़ सकती हैं। बुधवार को सुबह साढ़े आठ बजे राजधानी में आद्रता 52 वहीं शाम साढ़े पांच बजे तक 32 रही, लेकिन गुस्र्वार को बादल छाने के बाद आद्रता में 10 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी होने की संभावना हैं इससे न्यूनतम तापमान तो बढ़ेगा ही लेकिन दिन के तापमान में भी मामूली सी वृद्धि दर्ज की जा सकती है। 
    सम वैज्ञानिक एवं प्रवक्ता जीडी मिश्रा ने बताया कि प्रदेश के 52 जिलों में से 44 जगह मौसम विभाग की आर्ब्जवेटरी है। जहां से अधिकतम, न्यूनतम तापमान और वर्षा के आंकड़ो भेजे जाते है। इन आंकड़ों का कैल्कुलेशन कर मौसम का अनुमान लगाया जाता है। वहीं इस डाटा को मौसम की साइड पर अपडेट किया जाता है। इस आधार पर शहर का तापमान घोषित किया जाता है। मोबाइल पर भी अमूमन सही गणना दिखाई देती है लेकिन इसकी सटीकता पर असमंस होता है। महाकोशल-विंध्य में ठंड का सितम जारी रहा। शीतलहर के कारण जनजीवन पर असर रहा। लोग दिन में धूप सेंकते दिखे। कई जिलों में लोग अलाव तापते नजर आए। इधर, मंडला में बुधवार को पारा और गिर गया। कान्हा नेशनल पार्क में 0.7, डिंडौरी में 1.0 और मंडला में 2.6 न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। भोपाल के आसपास के जिलों में बुधवार को भी सर्दी के तेवर तीखे रहे। बैतूल में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री दर्ज किया गया। इस दौरान फसलों और बाहर खड़े वाहनों पर ओस जमी हुई नजर आई। फसलों खासकर दलहनी और सब्जी की फसलों को पाले से काफी नुकसान हो रहा है। वहीं होशंगाबाद और छिंदवाड़ा में भी सर्दी का जोर रहा। इसी तरह सागर जिले में कड़ाके की ठंड के कारण फसलों पर तुषार का असर दिखाई दे रहा है। किसानों के मुताबिक सुबह खेतों में पहुंचे तो चना, बटरी की फसल झुलसी हुई नजर आई। रायसेन में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री दर्ज किया गया। दोपहर में धूप निकली, लेकिन सर्द हवाओं के कारण कंपकंपी बरकरार रही। किसानों के अनुसार पाला पड़ने से तुअर, मटर, चना, मसूर, टमाटर, बैंगन, मिर्च, भिंडी, धनिया और मटर आदि फसलों को नुकसान हुआ है। मौसम विशेषज्ञ एसएस तोमर ने बताया कि अभी तापमान में इसी तरह स्थिरता बनी रहेगी। इसी तरह की स्थिति गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, राजगढ़ में भी बनी हुई है। सम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि राजस्थान के ऊपरी क्षेत्र में एक चक्रवात बना हुआ है जिसके कारण राजधानी सहित ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ जिलों में हल्के बादल छाए रह सकते हैं। बादलों के कारण न्यूनतम तापमान में वृद्धि होगी।