सीनियर सिटीजन के लिए रेलवे में नौकरी का सुनहरा मौका

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भारतीय रेलवे दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है और देश में सबसे ज्यादा लोगों को नौकरी देने वाला सरकारी उपक्रम। पिछले कई वर्ष से रेलवे में लगातार लोग रिटायर तो हो रहे हैं, लेकिन उस हिसाब से भर्तियां नहीं हो रही हैं। इससे रेलवे में लगभग हर स्तर पर काफी पद खाली पड़े हैं।

इसके विपरीत रेलवे में इन दिनों जीर्णोद्धार, मरम्मत कार्य और लाइन को अपग्रेड करने सहित कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। ट्रेनों की संख्या भी दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में रेलवे को कर्मचारियों की कमी से जूझना पड़ा रहा है। कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए रेलवे ने अब सीनियर सिटीजन को नौकरी देने की योजना तैयार की है।

चौंकने वाली बात नहीं है, दरअसल ये सीनियर सिटीजन रेलवे के ही सेवानिवृत्त हो चुके अनुभवी कर्मचारी होंगे। अधिकारियों के खाली पड़े पदों से रेलवे की धीमी हो रही रफ्तार को गति देने के लिए सेवानिवृत्त अधिकारियों की सेवा ली जाएगी। 65 वर्ष तक के सेवानिवृत्त अधिकारी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इनकी नियुक्ति एक वर्ष के लिए होगी, जिसे जरूरत के अनुसार आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

इस योजना से संरक्षा व विकास कार्यो में तेजी आने की उम्मीद है। रेलवे में कर्मचारियों के साथ ही अधिकारियों के कई पद खाली पड़े हुए हैं जिससे जरूरी कार्य बाधित हो रहे हैं। इन दिनों संरक्षा के साथ ही रेलवे स्टेशनों के विकास के लिए कई काम हो रहे हैं। दैनिक कार्यो के साथ ही इन कामों में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए रेलवे के पूर्व कर्मियों को काम पर बुलाया जा रहा है।

पहले पूर्व कर्मचारियों को संविदा पर नियुक्त करने का आदेश जारी हुआ था। वहीं, अब जूनियर स्केल के रिक्त पदों पर पूर्व राजपत्रित अधिकारियों को एक वर्ष के लिए तैनात करने की तैयारी है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड की ओर से सभी क्षेत्रीय रेलवे व अन्य इकाइयों को पत्र जारी कर दिया गया है। महाप्रबंधक को इन्हें नियुक्त करने का अधिकार दिया गया है। इसके लिए वह तीन वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित करेंगे जो कि आवेदक की पात्रता की पड़ताल कर उसे खाली पद पर तैनात करने का फैसला लेगी।

रेलवे किसी भी खाली पद पर अस्थायी तैनाती के लिए सेवा शर्तें बनाकर उसे प्रचारित किया जाएगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग आवेदन कर सकें। संविदा पर रखे गए अधिकारी के पद के साथ सलाहकार शब्द जोड़ा जाएगा।

ये होगा सैलरी और जिम्मेदारी

नौकरी ज्वाइन करने वाले को मूल वेतन के साथ ही महंगाई व यात्रा भत्ता का भुगतान किया जाएगा। उसे अपने पद के अनुरूप निरीक्षण व जांच जैसे अधिकार मिलेंगे, लेकिन मंडल में उसे ब्रांच अधिकारी नहीं बनाया जाएगा। उसे किसी निर्माण इकाई का स्वतंत्र प्रभार भी नहीं दिया जाएगा। उसके पास किसी तरह का वित्तीय अधिकार भी नहीं होगा। ऐसे तो उसकी नियुक्ति एक वर्ष के लिए होगी, लेकिन उस पद पर स्थायी नियुक्ति हो जाती है तो उसे कार्य मुक्त किया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल रेलवे ने दो वर्षो के लिए इस योजना को लागू किया है। इसके परिणाम का अध्ययन करने के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।