एमपी में गठबंधन पर अखिलेश यादव बोले- कांग्रेस ने बहुत इंतजार कराया, अब बसपा से बात करेंगे

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मायावती के बाद अब अखिलेश यादव ने भी कांग्रेस को झटका दिया है. अखिलेश ने भी मध्य प्रदेश में कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर संदेह जताया है. उन्होंने शनिवार को कहा कि हमने कांग्रेस के लिए काफी इंतजार किया है लेकिन अब मध्य प्रदेश चुनावों को लेकर बीएसपी और जीजीपी (गोंडवाना गणतंत्र पार्टी) से बात करनी होगी.

अखिलेश का यह बयान बसपा प्रमुख मायावती के कांग्रेस के साथ एमपी में गठबंधन नहीं करने के ऐलान के बाद आया है. मायावती ने अपने इस फैसले के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए ऐलान किया था कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में बीएसपी अकेले अपने बलबूते चुनाव लड़ेगी.

अखिलेश यादव ने कहा कि हमने कांग्रेस का बहुत इंतजार किया. उन्होंने कहा कि आखिर हम कितना इंतजार करेंगे? उन्होंने कहा कि अब बीएसपी और जीजीपी से बात कर कांग्रेस के साथ राज्य में गठबंधन पर फैसला लिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस को दिल बड़ा करना होगा. अगर पार्टी इसी तरह देर करती रही तो छोटी पार्टियां राज्य में अपने प्रत्याशी घोषित कर देगी.

बता दें कि इससे पहले मायावती ने कहा था कि उनकी पार्टी किसी कीमत पर कांग्रेस से तालमेल नहीं करेगी. मायावती पहले ही छत्तीसगढ़ में जोगी की पार्टी से हाथ मिला चुकी हैं. उन्होंने कहा कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बीएसपी अकेले चुनाव लड़ेगी.

कांग्रेस इससे पहले कर्नाटक विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस अकेले ही मैदान में उतरी थी. जेडी(एस) और बहुजन समाज पार्टी मिलकर साथ लड़ी थीं. यहां चुनाव के बाद भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. हालांकि, कांग्रेस ने चुनाव नतीजों के बाद जेडी(एस) से हाथ मिला लिया था और भाजपा को सत्ता में आने से रोक दिया था.

कांग्रेस एक ओर 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए महागठबंधन बनाने की बात कर रही है तो विधानसभा चुनावों में अन्य विपक्षी दल उससे रवैये से असंतुष्ट नजर आ रहे हैं. माना जा रहा है कि कांग्रेस लोकसभा चुनावों से पहले अपनी शक्ति तोलने की कोशिश कर रही है. हालांकि अन्य विपक्षी दलों का यह रवैया मुख्य विपक्षी पार्टी को भारी पड़ सकता है.